श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 71: अतिकाय का भयंकर युद्ध और लक्ष्मण के द्वारा उसका वध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.71.20 
विंशतिर्दश चाष्टौ च तूणास्य रथमास्थिता:।
कार्मुकाणि च भीमानि ज्याश्च काञ्चनपिङ्गला:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उसके रथ पर बीस तरकश, दस भयंकर धनुष और आठ सुवर्णमय तथा गुलाबी रंग की डोरियाँ रखी हैं ॥20॥
 
Twenty quivers, ten fierce bows and eight golden and pink colored strings are placed on his chariot. 20॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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