श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 71: अतिकाय का भयंकर युद्ध और लक्ष्मण के द्वारा उसका वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.71.17 
ध्वजशृङ्गप्रतिष्ठेन राहुणाभिविराजते।
सूर्यरश्मिप्रभैर्बाणैर्दिशो दश विराजयन्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
‘उसकी ध्वजा के शीर्ष पर जो पताका है, उस पर राहु का चिह्न अंकित है, जो रथ की शोभा बढ़ा रहा है। वह सूर्य की किरणों के समान उज्ज्वल बाणों द्वारा दसों दिशाओं को प्रकाशित कर रहा है।॥17॥
 
‘The symbol of Rahu is imprinted on the banner at the top of its flag, which is adding to the beauty of the chariot. It is illuminating all the ten directions with bright arrows like the rays of the sun.॥ 17॥
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