Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.70.66: जब महापार्श्व नामक राक्षस, जिसके नेत्र नष्ट हो गए थे और जिसकी चेतना नष्ट हो गई थी, वृद्धावस्था में पृथ्वी पर गिरा, तब राक्षसों की सेना सब दिशाओं में भाग गई। 66। | ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब महापार्श्व नामक राक्षस, जिसके नेत्र नष्ट हो गए थे और जिसकी चेतना नष्ट हो गई थी, वृद्धावस्था में पृथ्वी पर गिरा, तब राक्षसों की सेना सब दिशाओं में भाग गई। 66।
When the demon Mahaparsva, whose eyes were destroyed and consciousness was lost, fell on the earth at the age of old age, the army of demons fled in all directions. 66.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥