Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.70.65-66h: अपनी ही गदा के प्रहार से महापार्श्व के दाँत टूट गए और आँखें फूट गईं। वे वज्र से आहत पर्वत शिखर के समान तुरन्त गिर पड़े।   |   ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध  »  श्लोक 65-66h
 
 
श्लोक  6.70.65-66h 
स स्वया गदया भग्नो विशीर्णदशनेक्षण:॥ ६५॥
निपपात तदा मत्तो वज्राहत इवाचल:।
 
 
अनुवाद
अपनी ही गदा के प्रहार से महापार्श्व के दाँत टूट गए और आँखें फूट गईं। वे वज्र से आहत पर्वत शिखर के समान तुरन्त गिर पड़े।
 
Mahaparsva's teeth were broken and his eyes burst after being struck by his own mace. He fell down instantly like a mountain peak struck by a thunderbolt. 65 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)