Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.70.5-6: देवताओं का गर्व चूर करने वाले तीनों रात्रिदेवों ने जब उस पर आक्रमण किया, तब वीर अंगद ने विशाल शाखाओं वाला एक वृक्ष उखाड़ लिया और जैसे इन्द्र प्रज्वलित वज्र से प्रहार करते हैं, उसी प्रकार वालिपुत्र ने बड़ी-बड़ी शाखाओं वाला वह विशाल वृक्ष सहसा देवान्तक पर फेंक दिया। | ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं का गर्व चूर करने वाले तीनों रात्रिदेवों ने जब उस पर आक्रमण किया, तब वीर अंगद ने विशाल शाखाओं वाला एक वृक्ष उखाड़ लिया और जैसे इन्द्र प्रज्वलित वज्र से प्रहार करते हैं, उसी प्रकार वालिपुत्र ने बड़ी-बड़ी शाखाओं वाला वह विशाल वृक्ष सहसा देवान्तक पर फेंक दिया।
When the three lords of the night, who had crushed the pride of the gods, attacked him, the brave Angad uprooted a tree with huge branches and just as Indra strikes with a blazing thunderbolt, in the same way Vali's son suddenly threw that huge tree with huge branches at Devantaka. 5-6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥