Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.70.49: जब देवताओं के शत्रु त्रिशिरा को इन्द्र के समान पराक्रमी हनुमान् ने मार डाला, तब समस्त वानर हर्ष के मारे जयकार करने लगे, पृथ्वी काँपने लगी और राक्षस सब दिशाओं में भागने लगे ॥49॥ | ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब देवताओं के शत्रु त्रिशिरा को इन्द्र के समान पराक्रमी हनुमान् ने मार डाला, तब समस्त वानर हर्ष के मारे जयकार करने लगे, पृथ्वी काँपने लगी और राक्षस सब दिशाओं में भागने लगे ॥49॥
When Trishira, the enemy of the gods, was killed by Hanuman, who was as powerful as Indra, all the monkeys began to shout for joy, the earth began to tremble and the demons began to flee in all directions. ॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥