Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.70.47: फिर जिस प्रकार पूर्वकाल में इन्द्र ने अपने वज्र से त्वष्टा के पुत्र विश्वरूप के तीनों सिर काट डाले थे, उसी प्रकार क्रोधित पवनपुत्र हनुमान ने अपनी तीक्ष्ण तलवार से रावण के पुत्र त्रिशिरा के तीनों सिर, मुकुट और कुण्डल सहित काट डाले।   |   ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  6.70.47 
स तस्य शीर्षाण्यसिना शितेन
किरीटजुष्टानि सकुण्डलानि।
क्रुद्ध: प्रचिच्छेद सुतोऽनिलस्य
त्वष्टु: सुतस्येव शिरांसि शक्र:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
फिर जिस प्रकार पूर्वकाल में इन्द्र ने अपने वज्र से त्वष्टा के पुत्र विश्वरूप के तीनों सिर काट डाले थे, उसी प्रकार क्रोधित पवनपुत्र हनुमान ने अपनी तीक्ष्ण तलवार से रावण के पुत्र त्रिशिरा के तीनों सिर, मुकुट और कुण्डल सहित काट डाले।
 
Then, just as in the past Indra had cut off the three heads of Tvashta's son Viswaroop with his thunderbolt, similarly the enraged son of Pawan, Hanuman cut off the three heads of Ravana's son Trishira along with his crown and earrings with his sharp sword.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)