श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.70.41 
तत: खड्गं समुद्यम्य त्रिशिरा राक्षसोत्तम:।
निचखान तदा खड्गं वानरेन्द्रस्य वक्षसि॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
तब दैत्यों के सरदार त्रिशिरा ने अपनी तलवार उठाई और उससे श्रेष्ठ वानर हनुमान की छाती पर प्रहार किया।
 
Then the chief of demons Trishira picked up his sword and struck the best of apes Hanuman on his chest with it.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas