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श्लोक  6.70.36 
तमापतन्तमाकाशे द्रुमवर्षं प्रतापवान्।
त्रिशिरा निशितैर्बाणैश्चिच्छेद च ननाद च॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
परन्तु महाबली त्रिशिरा ने अपने तीखे बाणों से आकाश में वृक्षों की वर्षा को छिन्न-भिन्न कर दिया और बड़े जोर से गर्जना की।
 
But the mighty Trishira shattered the rain of trees in the sky with his sharp arrows and roared loudly. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)