श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.70.15 
विषाणं चास्य निष्कृष्य वालिपुत्रो महाबल:।
देवान्तकमभिद्रुत्य ताडयामास संयुगे॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तब बलवान बालीपुत्र ने हाथी का एक दांत उखाड़ लिया और युद्धभूमि की ओर दौड़कर देवान्तक पर उससे आक्रमण कर दिया।
 
Then the mighty son of Vali plucked out one of the elephant's teeth, ran to the battlefield and attacked Devantaka with it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)