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स त्रिभिर्नैर्ऋतश्रेष्ठैर्युगपत् समभिद्रुत:।
न विव्यथे महातेजा वालिपुत्र: प्रतापवान्॥ १२॥
अनुवाद
यद्यपि रात्रि के तीन प्रमुख राक्षसों ने एक साथ आक्रमण किया था, फिर भी बलि के शक्तिशाली एवं प्रतापी पुत्र अंगद को कोई पीड़ा नहीं हुई।
Even though the three major demons of the night had attacked simultaneously, the mighty and majestic son of Vali, Angada, did not feel any pain at all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥