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ramayan 6.70.11: इसी प्रकार देवान्तक भी अंगद के पास आया और अत्यन्त क्रोधपूर्वक उस पर परिघ से प्रहार करके शीघ्र ही वहाँ से चला गया ॥11॥   |   ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.70.11 
देवान्तकश्च संक्रुद्ध: परिघेण तदाङ्गदम्।
उपगम्याभिहत्याशु व्यपचक्राम वेगवान्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार देवान्तक भी अंगद के पास आया और अत्यन्त क्रोधपूर्वक उस पर परिघ से प्रहार करके शीघ्र ही वहाँ से चला गया ॥11॥
 
In the same way Devantaka too came near Angada and, with great anger, struck him with a parigha and then quickly moved away from there. ॥11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)