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ramayan 6.70.1: नरान्तक को मारा गया देखकर देवान्तक, पुलस्त्य, कुलनन्दन, त्रिशिरा और महोदर- ये महान राक्षस हाहाकार करने लगे। 1॥   |   ramayan सर्ग 6.70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.70.1 
नरान्तकं हतं दृष्ट्वा चुक्रुशुर्नैर्ऋतर्षभा:।
देवान्तकस्त्रिमूर्धा च पौलस्त्यश्च महोदर:॥ १॥
 
 
अनुवाद
नरान्तक को मारा गया देखकर देवान्तक, पुलस्त्य, कुलनन्दन, त्रिशिरा और महोदर- ये महान राक्षस हाहाकार करने लगे। 1॥
 
Seeing Narantaka killed, Devantaka, Pulastya, Kulanandan, Trishira and Mahodar - these great demons started howling. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)