vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 70: हनुमान जी के द्वारा देवान्तक और त्रिशिरा का, नील के द्वारा महोदर का तथा ऋषभ के द्वारा महापार्श्व का वध
»
श्लोक 1
श्लोक
6.70.1
नरान्तकं हतं दृष्ट्वा चुक्रुशुर्नैर्ऋतर्षभा:।
देवान्तकस्त्रिमूर्धा च पौलस्त्यश्च महोदर:॥ १॥
अनुवाद
नरान्तक को मारा गया देखकर देवान्तक, पुलस्त्य, कुलनन्दन, त्रिशिरा और महोदर- ये महान राक्षस हाहाकार करने लगे। 1॥
Seeing Narantaka killed, Devantaka, Pulastya, Kulanandan, Trishira and Mahodar - these great demons started howling. 1॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas