श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 7: राक्षसों का रावण और इन्द्रजित के बल-पराक्रम का वर्णन करते हुए उसे राम पर विजय पाने का विश्वास दिलाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.7.12 
शूराश्च बलवन्तश्च वरुणस्य सुता रणे।
निर्जितास्ते महाभाग चतुर्विधबलानुगा:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महाभाग! तुमने युद्ध में वरुण के वीर एवं बलवान पुत्रों को उनकी चतुरंगिणी सेना सहित परास्त कर दिया था॥12॥
 
Mahabhaag! You had also defeated the brave and strong sons of Varuna along with their four-armed army in the battle. 12॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd