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श्लोक 6.69.95  |
तदान्तरिक्षे त्रिदशोत्तमानां
वनौकसां चैव महाप्रणाद:।
बभूव तस्मिन् निहतेऽग्रॺवीर्ये
नरान्तके वालिसुतेन संख्ये॥ ९५॥ |
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| अनुवाद |
| जब वालिकुमार ने युद्धस्थल में महाबली नरकासुर को मार डाला, तब आकाश में देवता और पृथ्वी पर वानर हर्ष से जयजयकार करने लगे ॥95॥ |
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| When Valikumar killed the mighty Naraka on the battlefield, the gods in the sky and the monkeys on the earth shouted for joy. ॥95॥ |
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