श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 69: रावण के पुत्रों और भाइयों का युद्ध के लिये जाना और नरान्तक का अङ्गद के द्वारा वध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.69.9 
श्रुत्वा त्रिशिरसो वाक्यं देवान्तकनरान्तकौ।
अतिकायश्च तेजस्वी बभूवुर्युद्धहर्षिता:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
त्रिशिरा का उपर्युक्त कथन सुनकर देवान्तक, नरान्तक और तेजस्वी अतिकाय तीनों युद्ध के लिए उत्तेजित हो गए ॥9॥
 
Hearing the above statement of Trishira, Devantaka, Narantaka and Tejasvi Atikaya, all three became excited for the war. 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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