श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 69: रावण के पुत्रों और भाइयों का युद्ध के लिये जाना और नरान्तक का अङ्गद के द्वारा वध  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  6.69.80 
विद्रुतां वाहिनीं दृष्ट्वा स ददर्श नरान्तकम्।
गृहीतप्रासमायान्तं हयपृष्ठप्रतिष्ठितम्॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
सेना को भागते देख उसने नरान्तक पर भी दृष्टि डाली, जो हाथ में भाला लिये घोड़े पर सवार होकर आ रहा था।
 
Seeing the army fleeing he also cast his eyes upon Narantak who was approaching on the back of a horse holding a spear in his hand. 80.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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