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श्लोक 6.69.69  |
स तस्य ददृशे मार्गो मांसशोणितकर्दम:।
पतितै: पर्वताकारैर्वानरैरभिसंवृत:॥ ६९॥ |
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| अनुवाद |
| जिस मार्ग से वह जाता, वह पर्वत के समान गिरे हुए वानरों से ढक जाता और वहाँ रक्त और मांस की गंदगी जम जाती ॥69॥ |
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| The road he took would be covered with fallen mountain-like monkeys and a filth of blood and flesh would form there. ॥ 69॥ |
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