श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 69: रावण के पुत्रों और भाइयों का युद्ध के लिये जाना और नरान्तक का अङ्गद के द्वारा वध  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  6.69.69 
स तस्य ददृशे मार्गो मांसशोणितकर्दम:।
पतितै: पर्वताकारैर्वानरैरभिसंवृत:॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
जिस मार्ग से वह जाता, वह पर्वत के समान गिरे हुए वानरों से ढक जाता और वहाँ रक्त और मांस की गंदगी जम जाती ॥69॥
 
The road he took would be covered with fallen mountain-like monkeys and a filth of blood and flesh would form there. ॥ 69॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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