श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 69: रावण के पुत्रों और भाइयों का युद्ध के लिये जाना और नरान्तक का अङ्गद के द्वारा वध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.69.11 
अन्तरिक्षगता: सर्वे सर्वे मायाविशारदा:।
सर्वे त्रिदशदर्पघ्ना: सर्वे समरदुर्मदा:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वे सभी आकाश में विचरण करते थे, माया में निपुण थे, युद्धप्रिय थे और देवताओं का भी गर्व चूर कर देते थे ॥11॥
 
All of them roamed the skies, were experts in illusion, were war-mongers and crushed the pride of even the gods. ॥11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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