श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.68.19 
अद्यैव तं गमिष्यामि देशं यत्रानुजो मम।
नहि भ्रातॄन् समुत्सृज्य क्षणं जीवितुमुत्सहे॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मैं आज ही उस देश में जाऊँगा जहाँ मेरा छोटा भाई कुम्भकर्ण गया है। मैं अपने भाइयों के बिना एक क्षण भी नहीं रह सकता॥19॥
 
Today itself I will go to the country where my younger brother Kumbhakarna has gone. I cannot live even for a moment without my brothers.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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