श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.68.1 
कुम्भकर्णं हतं दृष्ट्वा राघवेण महात्मना।
राक्षसा राक्षसेन्द्राय रावणाय न्यवेदयन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
महात्मा श्री रामचन्द्रजी द्वारा कुम्भकर्ण को मारा हुआ देखकर राक्षसगण अपने राजा रावण के पास जाकर बोले-॥1॥
 
Seeing Kumbhakarna killed by Mahatma Shri Ramchandraji, the demons went to their king Ravana and said - ॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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