Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.67.99: उनका शरीर चर्बी, चिकनाई और रक्त से लथपथ था। उनके कानों में आँतों की मालाएँ गड़ी हुई थीं और दाँत बहुत तीखे थे। वे महाप्रलय में सब प्राणियों का संहार करने वाले काल के विशाल रूप के समान वानरों पर भालों की वर्षा कर रहे थे।   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  6.67.99 
मेदोवसाशोणितदिग्धगात्र:
कर्णावसक्तग्रथितान्त्रमाल:।
ववर्ष शूलानि सुतीक्ष्णदंष्ट्र:
कालो युगान्तस्थ इव प्रवृद्ध:॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
उनका शरीर चर्बी, चिकनाई और रक्त से लथपथ था। उनके कानों में आँतों की मालाएँ गड़ी हुई थीं और दाँत बहुत तीखे थे। वे महाप्रलय में सब प्राणियों का संहार करने वाले काल के विशाल रूप के समान वानरों पर भालों की वर्षा कर रहे थे।
 
His body was covered with fat, grease and blood. His ears were entangled with garlands of intestines and his teeth were very sharp. He was raining spears on the monkeys like the huge form of Kaal who kills all living beings during the great deluge.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)