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ramayan 6.67.83: लावा और सुगन्धित जल की वर्षा से अभिषिक्त होकर तथा राजमार्ग की शीतलता से महाबली सुग्रीव धीरे-धीरे होश में आ गये। 83.   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  6.67.83 
लाजगन्धोदवर्षैस्तु सेच्यमान: शनै: शनै:।
राजवीथ्यास्तु शीतत्वात् संज्ञां प्राप महाबल:॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
लावा और सुगन्धित जल की वर्षा से अभिषिक्त होकर तथा राजमार्ग की शीतलता से महाबली सुग्रीव धीरे-धीरे होश में आ गये। 83.
 
Anointed by the rain of lava and fragrant water and owing to the coolness of the highway, the mighty Sugreeva gradually regained consciousness. 83.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)