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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  6.67.79 
मया तु मोक्षितस्यास्य सुग्रीवस्य महात्मन:।
अप्रीतिश्च भवेत् कष्टा कीर्तिनाशश्च शाश्वत:॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
यदि मैं उन्हें मुक्त कर दूँ, तो महात्मा सुग्रीव प्रसन्न नहीं होंगे; उल्टे उन्हें उन पर दुःख होगा और उनकी कीर्ति सदा के लिए नष्ट हो जायेगी।' 79
 
If I free them, Mahatma Sugreeva will not be happy; on the contrary, he will feel sorry for them and his fame will be ruined forever.' 79
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)