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ramayan 6.67.78: उसी क्षण जब सुग्रीव को होश आएगा, तब वह महायुद्ध में जो भी कार्य अपने और वानरों के लिए हितकर होगा, वह करेगा।   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  6.67.78 
अयं मुहूर्तात् सुग्रीवो लब्धसंज्ञो महाहवे।
आत्मनो वानराणां च यत् पथ्यं तत् करिष्यति॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
उसी क्षण जब सुग्रीव को होश आएगा, तब वह महायुद्ध में जो भी कार्य अपने और वानरों के लिए हितकर होगा, वह करेगा।
 
When Sugreeva becomes conscious in the same moment, then he will perform whatever action will be beneficial for himself and the monkeys in the great war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)