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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  6.67.66 
स तत् तथा भग्नमवेक्ष्य शूलं
चुकोप रक्षोधिपतिर्महात्मा।
उत्पाटॺ लङ्कामलयात् स शृङ्गं
जघान सुग्रीवमुपेत्य तेन॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
उस भाले को इस प्रकार टूटा हुआ देखकर महाबली राक्षसराज कुम्भकर्ण अत्यन्त क्रोधित हो उठा और लंका के निकट मलय पर्वत की चोटी उठाकर सुग्रीव के पास जाकर उस पर फेंक दी।
 
Seeing that spear broken in this manner, the gigantic demon king Kumbhakarna became very angry. He lifted the peak of the Malaya mountain near Lanka and went near Sugreeva and threw it at him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)