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ramayan 6.67.63: वह महान भाला काले लोहे का बना था, जिसका वजन हजार गुना था, जिसे हनुमान ने बड़े हर्ष के साथ अपने घुटनों के बीच रखा और वह तुरन्त टूट गया।   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  6.67.63 
कृतं भारसहस्रस्य शूलं कालायसं महत्।
बभञ्ज जानुमारोप्य तदा हृष्ट: प्लवंगम:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
वह महान भाला काले लोहे का बना था, जिसका वजन हजार गुना था, जिसे हनुमान ने बड़े हर्ष के साथ अपने घुटनों के बीच रखा और वह तुरन्त टूट गया।
 
That great spear was made of black iron weighing a thousand times, which Hanuman, with great joy, placed between his knees and instantly broke.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)