Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.67.176: उस भयानक और बलवान शत्रु के मारे जाने पर अधिकांश वानर अत्यन्त प्रसन्न हुए, उनके मुख कमल के समान हर्ष से खिल उठे और उन्होंने सिद्धि प्राप्त राजकुमार भगवान् श्री रामजी की स्तुति की ॥176॥   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 176
 
 
श्लोक  6.67.176 
प्रहर्षमीयुर्बहवश्च वानरा:
प्रबुद्धपद्मप्रतिमैरिवाननै:।
अपूजयन् राघवमिष्टभागिनं
हते रिपौ भीमबले नृपात्मजम्॥ १७६॥
 
 
अनुवाद
उस भयानक और बलवान शत्रु के मारे जाने पर अधिकांश वानर अत्यन्त प्रसन्न हुए, उनके मुख कमल के समान हर्ष से खिल उठे और उन्होंने सिद्धि प्राप्त राजकुमार भगवान् श्री रामजी की स्तुति की ॥176॥
 
Most of the monkeys were very happy after the terrible and powerful enemy was killed. Their faces blossomed with joy like a blossoming lotus and they praised Lord Shri Ram, the prince who had achieved success. 176॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)