Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.67.174: कुम्भकर्ण के महावध से राक्षसराज रावण के मनस्वी भाइयों को बड़ा दुःख हुआ। वे रघुकुल तिलक श्री राम को देखकर उसी प्रकार जोर-जोर से रोने लगे, जैसे सिंह को देखकर मदोन्मत्त हाथी जोर-जोर से चिंघाड़ते हैं। 174॥ | ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुम्भकर्ण के महावध से राक्षसराज रावण के मनस्वी भाइयों को बड़ा दुःख हुआ। वे रघुकुल तिलक श्री राम को देखकर उसी प्रकार जोर-जोर से रोने लगे, जैसे सिंह को देखकर मदोन्मत्त हाथी जोर-जोर से चिंघाड़ते हैं। 174॥
The great killing of Kumbhakarna caused great sorrow to the Manasvi brothers of the demon king Ravana. Looking at Raghukul Tilak Shri Ram, he started crying loudly in the same way as intoxicated elephants scream loudly on seeing a lion. 174॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥