Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.67.157: जो लोग अपंग होने या मरने से बच गए थे, वे उदास होकर किनारे खड़े हो गए। उनके शरीर में बड़ी पीड़ा हो रही थी और वे चुपचाप महाराज श्री राम और राक्षस कुंभकर्ण का भयंकर युद्ध देखने लगे॥157॥ | ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग अपंग होने या मरने से बच गए थे, वे उदास होकर किनारे खड़े हो गए। उनके शरीर में बड़ी पीड़ा हो रही थी और वे चुपचाप महाराज श्री राम और राक्षस कुंभकर्ण का भयंकर युद्ध देखने लगे॥157॥
Those who were saved from being maimed or dying, stood on the side in a dejected mood. Their bodies were in great pain and they silently started watching the fierce battle between Maharaja Shri Ram and the demon Kumbhakarna.॥ 157॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥