Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.67.152: जिन बाणों से उत्तम शाल वृक्षों को काटा गया था और वानरराज बालि को मारा गया था, वे ही बाण उस समय कुम्भकर्ण के शरीर को कोई पीड़ा नहीं पहुँचा सके। 152. | ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यै: सायकै: सालवरा निकृत्ता
वाली हतो वानरपुङ्गवश्च।
ते कुम्भकर्णस्य तदा शरीरं
वज्रोपमा न व्यथयाम्प्रचक्रु:॥ १५२॥
अनुवाद
जिन बाणों से उत्तम शाल वृक्षों को काटा गया था और वानरराज बालि को मारा गया था, वे ही बाण उस समय कुम्भकर्ण के शरीर को कोई पीड़ा नहीं पहुँचा सके। 152.
The same arrows with which the best sal trees were cut down and the monkey king Vali was killed, were not able to cause any pain to Kumbhakarna's body at that time. 152.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥