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ramayan 6.67.133: जब श्री राम ने उन सबको गिरा हुआ देखा, तब उन्होंने समझ लिया कि कुम्भकर्ण क्रोधित हो गया है। तब वे बड़े वेग से उछलकर उस राक्षस की ओर दौड़े और हाथ में एक महान धनुष ले लिया॥133॥   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 133
 
 
श्लोक  6.67.133 
तान् दृष्ट्वा निर्धुतान् रामो रुष्टोऽयमिति राक्षसम्।
समुत्पपात वेगेन धनुरुत्तममाददे॥ १३३॥
 
 
अनुवाद
जब श्री राम ने उन सबको गिरा हुआ देखा, तब उन्होंने समझ लिया कि कुम्भकर्ण क्रोधित हो गया है। तब वे बड़े वेग से उछलकर उस राक्षस की ओर दौड़े और हाथ में एक महान धनुष ले लिया॥133॥
 
When Shri Ram saw them all fallen, he understood that Kumbhakarna was angry. Then he jumped with great speed and ran towards the demon and took a great bow in his hand.॥ 133॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)