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ramayan 6.67.112: जब राक्षस ने पूर्वोक्त बात कह दी, तब सुमित्रापुत्र लक्ष्मण युद्धस्थल में ठहाका मारकर हँसने लगे और स्तुतिमिश्रित कठोर वचनों में उससे बोले-॥112॥   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 112
 
 
श्लोक  6.67.112 
इत्युक्तवाक्यं तद् रक्ष: प्रोवाच स्तुतिसंहितम्।
मृधे घोरतरं वाक्यं सौमित्रि: प्रहसन्निव॥ ११२॥
 
 
अनुवाद
जब राक्षस ने पूर्वोक्त बात कह दी, तब सुमित्रापुत्र लक्ष्मण युद्धस्थल में ठहाका मारकर हँसने लगे और स्तुतिमिश्रित कठोर वचनों में उससे बोले-॥112॥
 
When the demon finished saying the aforesaid thing, Sumitra's son Lakshman burst out laughing on the battlefield and spoke to him in harsh words mixed with praise -॥ 112॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)