Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.67.107: जब मैं मृत्यु जैसे अस्त्रों से युक्त होकर महायुद्ध में लड़ने के लिए तैयार हूँ, तब जो मेरे सामने खड़ा है, वह भी प्रशंसा के योग्य है। फिर जो मुझे युद्ध के लिए प्रस्तुत कर रहा है, उसके विषय में क्या कहा जा सकता है?॥107॥ | ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब मैं मृत्यु जैसे अस्त्रों से युक्त होकर महायुद्ध में लड़ने के लिए तैयार हूँ, तब जो मेरे सामने खड़ा है, वह भी प्रशंसा के योग्य है। फिर जो मुझे युद्ध के लिए प्रस्तुत कर रहा है, उसके विषय में क्या कहा जा सकता है?॥107॥
‘When I am ready to fight in the great war with weapons like death, even he who stands before me is worthy of praise. Then what can be said about the one who is offering me the battle?॥ 107॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥