Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.67.10: द्विविद ने उस पर्वत को उखाड़कर कुम्भकर्ण पर फेंका; परन्तु वह उस महादैत्य तक न पहुँचकर उसकी सेना में जा गिरा॥10॥   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.67.10 
तं समुत्पाटॺ चिक्षेप कुम्भकर्णाय वानर:।
तमप्राप्य महाकायं तस्य सैन्येऽपतत् तत:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
द्विविद ने उस पर्वत को उखाड़कर कुम्भकर्ण पर फेंका; परन्तु वह उस महादैत्य तक न पहुँचकर उसकी सेना में जा गिरा॥10॥
 
Dwivid uprooted that mountain and hurled it at Kumbhakarna; but instead of reaching the gigantic demon, it fell into his army.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)