Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.67.1: अंगद के उपर्युक्त वचन सुनकर वे सभी महाकाय वानरों ने मारने का निश्चय किया और युद्ध की इच्छा से लौट पड़े॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.67.1 
ते निवृत्ता महाकाया: श्रुत्वाङ्गदवचस्तदा।
नैष्ठिकीं बुद्धिमास्थाय सर्वे संग्रामकाङ्क्षिण:॥ १॥
 
 
अनुवाद
अंगद के उपर्युक्त वचन सुनकर वे सभी महाकाय वानरों ने मारने का निश्चय किया और युद्ध की इच्छा से लौट पड़े॥1॥
 
Hearing the above words of Angad, all those giant monkeys decided to kill and returned with the desire of war. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)