श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 64: महोदर का कुम्भकर्ण के प्रति आक्षेप करके रावण को बिना युद्ध के ही अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति का उपाय बताना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.64.12 
येन पूर्वं जनस्थाने बहवोऽतिबला हता:।
राक्षसा राघवं तं त्वं कथमेको जयिष्यसि॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तुम अकेले ही रघुवंशी वीर श्री राम को कैसे परास्त करोगे, जिन्होंने पहले जनस्थान में बहुत से अत्यन्त बलवान राक्षसों का वध किया था?॥ 12॥
 
How will you single-handedly defeat Shri Ram, the heroic descendant of Raghuvanshi, who had earlier killed many very powerful demons in Janasthan?॥ 12॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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