जो कर्म प्रतिकूल परिस्थितियों में, समय और स्थान के अनुकूल न होने पर किए जाते हैं, वे बिना विधि किए अग्नि में चढ़ाई गई आहुति के समान हैं, जो केवल दुःख की ओर ले जाते हैं ॥6॥
Those deeds which are performed in unfavourable conditions when the time and place are not appropriate, are like the offerings made into fire without rituals, which only lead to misery. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥