श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 63: कुम्भकर्ण का रावण को उसके कुकृत्यों के लिये उपालम्भ देना और उसे धैर्य बँधाते हुए युद्धविषयक उत्साह प्रकट करना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  6.63.35 
अद्य पश्य महाबाहो मया समरमूर्धनि।
हते रामे सह भ्रात्रा द्रवन्तीं हरिवाहिनीम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो! आज जब मैं युद्धभूमि के मुहाने पर भाई सहित राम को मार डालूँगा, तब तुम देखोगे कि वानरों की सेना किस प्रकार भाग रही है॥35॥
 
Mahabaho! Today, after I kill Rama along with his brother at the mouth of the battle field, you will see how the army of monkeys is fleeing. ॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)