यो हि शत्रुमवज्ञाय आत्मानं नाभिरक्षति।
अवाप्नोति हि सोऽनर्थान् स्थानाच्च व्यवरोप्यते॥ २०॥
अनुवाद
जो राजा अपने शत्रुओं की उपेक्षा करता है तथा अपनी सुरक्षा का प्रबंध नहीं करता, वह अनेक विपत्तियों का भागी बनता है तथा अपने पद (राज्य) से गिरा दिया जाता है।
A king who ignores his enemies and does not make arrangements for his own protection, becomes a part of many calamities and is thrown down from his position (kingdom).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥