हितानुबन्धमालोक्य कुर्यात् कार्यमिहात्मन:।
राजा सहार्थतत्त्वज्ञै: सचिवैर्बुद्धिजीविभि:॥ १३॥
अनुवाद
राजा को चाहिए कि वह अपने मन्त्रियों से, जो अर्थशास्त्र के ज्ञाता और बुद्धिमान हों, सलाह ले और जो फल की दृष्टि से अपने लिए हितकर प्रतीत हो, वही करे॥13॥
‘The king should take advice from his ministers who are experts in economics and are wise and should do that which seems to be beneficial for him in terms of results.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥