Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.62.12-13h: तब रावण क्रोध से आँखें फड़कती हुई अपने पास बैठे हुए क्रोधित भाई कुम्भकर्ण से बोला-॥12 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.62: कुम्भकर्ण का रावण के भवन में प्रवेश तथा रावण का राम से भय बताकर उसे शत्रुसेना के विनाश के लिये प्रेरित करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 62: कुम्भकर्ण का रावण के भवन में प्रवेश तथा रावण का राम से भय बताकर उसे शत्रुसेना के विनाश के लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  6.62.12-13h 
भ्रातरं रावण: क्रुद्धं कुम्भकर्णमवस्थितम्॥ १२॥
रोषेण परिवृत्ताभ्यां नेत्राभ्यां वाक्यमब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
तब रावण क्रोध से आँखें फड़कती हुई अपने पास बैठे हुए क्रोधित भाई कुम्भकर्ण से बोला-॥12 1/2॥
 
Then Ravana spoke to his enraged brother Kumbhakarna sitting beside him, his eyes flickering with rage -॥ 12 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)