श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 61: विभीषण का श्रीराम को कुम्भकर्ण का परिचय देना, श्रीराम की आज्ञा से वानरों का लङ्का के द्वारों पर डट जाना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.61.39 
रामवाक्यमुपश्रुत्य हरयो जितकाशिन:।
पादपैरर्दयन् वीरा वानरा: परवाहिनीम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
श्री रामजी की पूर्वोक्त आज्ञा सुनकर विजय के हर्ष से विभूषित वीर वानर वृक्षों द्वारा शत्रु सेना को पीड़ा पहुँचाने लगे।
 
On hearing the aforesaid command of Sri Rama, the valiant monkeys adorned with the joy of victory, began tormenting the enemy army with the trees.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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