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श्लोक 6.61.36  |
शैलशृङ्गाणि वृक्षांश्च शिलाश्चाप्युपसंहरन्।
भवन्त: सायुधा: सर्वे वानरा: शैलपाणय:॥ ३६॥ |
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| अनुवाद |
| ‘पर्वत शिखरों, वृक्षों और शिलाओं को एकत्रित करो और तुम तथा समस्त वानरों को हथियार और पत्थर लेकर तैयार हो जाओ।’॥36॥ |
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| ‘Gather the mountain peaks, trees and rocks and you and all the monkeys should be ready with weapons and stones.’॥ 36॥ |
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