श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 61: विभीषण का श्रीराम को कुम्भकर्ण का परिचय देना, श्रीराम की आज्ञा से वानरों का लङ्का के द्वारों पर डट जाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.61.28 
रावणस्य वच: श्रुत्वा स्वयंभूरिदमब्रवीत्।
शयिता ह्येष षण्मासमेकाहं जागरिष्यति॥ २८॥
 
 
अनुवाद
रावण की यह बात सुनकर स्वयंभू ब्रह्मा ने कहा, 'वह छह महीने तक सोएगा और एक दिन जागेगा।
 
Hearing this statement of Ravana, Svayambhu Brahma said, 'He will sleep for six months and will wake up one day.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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