श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  6.60.89 
द्रष्टुं त्वां काङ्क्षते राजा सर्वराक्षसपुङ्गव:।
गमने क्रियतां बुद्धिर्भ्रातरं सम्प्रहर्षय॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
प्रभु! राक्षसों में श्रेष्ठ राजा रावण आपसे मिलना चाहता है। अतः आप वहाँ जाने का विचार करें और वहाँ आकर अपने भाई का आनन्द बढ़ाएँ।॥89॥
 
Prabhu! King Ravana, the greatest of all demons, wants to see you. So you should think of going there and increase the joy of your brother by coming there.'॥ 89॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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