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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना
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श्लोक 71
श्लोक
6.60.71
एवं ब्रुवाणं संरब्धं कुम्भकर्णमरिंदमम्।
यूपाक्ष: सचिवो राज्ञ: कृताञ्जलिरभाषत॥ ७१॥
अनुवाद
जब क्रोध में भरे हुए कुम्भकर्ण इस प्रकार पूछने लगे, तब राजा रावण के सचिव यूपक्ष ने हाथ जोड़कर कहा-॥71॥
When Kumbhakarana, filled with anger, started asking in this manner, then Yupaksha, the secretary of King Ravana, said with folded hands -॥ 71॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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