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ramayan 6.60.55: इसके बाद उसके शरीर पर हजारों हाथियों को दौड़ाया गया, तभी उसे कुछ स्पर्श का एहसास हुआ और वह जाग गया।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  6.60.55 
वारणानां सहस्रं च शरीरेऽस्य प्रधावितम्।
कुम्भकर्णस्तदा बुद्‍ध्वा स्पर्शं परमबुध्यत॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद उसके शरीर पर हजारों हाथियों को दौड़ाया गया, तभी उसे कुछ स्पर्श का एहसास हुआ और वह जाग गया।
 
After this, thousands of elephants were made to run over his body. Then he felt some touch and he woke up.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)