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ramayan 6.60.41: परन्तु राक्षस कुम्भकर्ण की निःश्वास से प्रेरित होकर वे सभी रात्रिचर प्राणी उसके सामने खड़े न हो सके।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.60.41 
तस्य नि:श्वासवातेन कुम्भकर्णस्य रक्षस:।
राक्षसा: कुम्भकर्णस्य स्थातुं शेकुर्न चाग्रत:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
परन्तु राक्षस कुम्भकर्ण की निःश्वास से प्रेरित होकर वे सभी रात्रिचर प्राणी उसके सामने खड़े न हो सके।
 
But, inspired by the exhaled air of the demon Kumbhakarna, all those night creatures were unable to stand before him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)