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ramayan 6.60.39: जब महान शोर से भी सोये हुए महाकाय कुम्भकर्ण की नींद नहीं खुली, तब उन सभी राक्षसों ने अपने हाथों में भुशुण्डि, मूसल और गदाएँ ले लीं।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.60.39 
यदा भृशं तैर्निनदैर्महात्मा
न कुम्भकर्णो बुबुधे प्रसुप्त:।
ततो भुशुण्डीर्मुसलानि सर्वे
रक्षोगणास्ते जगृहुर्गदाश्च॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
जब महान शोर से भी सोये हुए महाकाय कुम्भकर्ण की नींद नहीं खुली, तब उन सभी राक्षसों ने अपने हाथों में भुशुण्डि, मूसल और गदाएँ ले लीं।
 
When even the great noise did not wake up the sleeping giant Kumbhakarna, then all those demons took Bhushundi, pestles and maces in their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)